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भूल जाएँ


वो कुहासे वाली सुबह वो चमकती शामें, उसे याद भी रखें या फिर भूल जाएँ, वो दोपहर की मुलाक़ातें वो रात की सब आहें, उसे याद भी रखें या फिर भूल जाएँ, वो मुस्कुराती आँखें वो अनकही बातें, कुछ और भी लिखें या फिर भूल जाएँ।

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