मैं तो तुमसे सच्चा वाला इश्क़ करुँ

तुम पे ठीक-ठाक शायरी भी करुँ

अरे मेरी जान !!

पूछ कर करुँ, या बता कर करुँ

जब भी कोई तलब उठीं

तुम्हें देखने की !!

कोई इक पुरानी फोटो जिनमें

वो आँखे चमकती रही हैं

फोन की गैलरी में जाकर

उसे ऐसे ही निहारता रहा हूँ

पास होती तो होती मगर पर

तुम्हारी तस्वीरें चूमता रहा हूँ

रूप भी है, रंग भी है पर क्या करुँ

मैं तो तुमसे सच्चा वाला इश्क़ करुँ

पूछ कर करुँ, या बता कर करुँ ग