रात की बात पर रूठने का मज़ा लीजिए

सपन को रातभर ढूँढने का मज़ा लीजिए

मन-समर्पण में बिरह भाव को छोड़ कर 

हृदय अघात पर, टूटने का मज़ा लीजिए