आज होने जा रहा है
एक और साल पूरा
एक और बार सूरज का चक्कर
ख़तम हुआ और शुरू हुआ है
अब तो कितने साल हो गए
गिनती करना मुश्किल है
कभी रुकूँगी, ठहरूँगी
और फिर आराम से सोचूंगी
कितने चक्कर लगा लिए हैं
कितने और लगाने हैं
अभी तो ये बस ख़तम हुआ है
एक और बार सूरज का चक्कर
शुरू हुआ है
- शिवम


