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तेरी ख़ामोशी और इश्क़


अब भी तेरी ख़ामोशी को महसूस कर रहा हूं!बेमिसाल इश्क़ लिए तेरा, मैं तन्हां शोर कर हूं!

— शिवानन्द
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