बेशक भुना हुआ चना,
नहीं पैदा कर सकता नई फसल ,
पर यह भुने हुए लोग पैदा करते हैं शत्रुता कई दिलो में।
बनाते हैं दरारें कई रिश्तो में ।
भुना हुआ चना नहीं हो सकता अंकुरित, उपजाऊ भूमि में भी, पर भुने हुए लोगो के दिलो-दिमाग में उपजती है फसल कटुता की।
बेशक भुना हुआ चना,
नहीं पैदा कर सकता नई फसल ,
पर यह भुने हुए लोग पैदा करते हैं शत्रुता कई दिलो में।
बनाते हैं दरारें कई रिश्तो में ।
भुना हुआ चना नहीं हो सकता अंकुरित, उपजाऊ भूमि में भी, पर भुने हुए लोगो के दिलो-दिमाग में उपजती है फसल कटुता की।