कटघरे में खुद न्याय खड़ा हैऔर क़ानून लगे जैसा अंधा है...सच को छोड़ो झूट को बेचो...आज की दुनिया मे ये मुनाफे का धंधा है।
कटघरे में खुद न्याय खड़ा हैऔर क़ानून लगे जैसा अंधा है...
सच को छोड़ो झूट को बेचो...आज की दुनिया मे ये मुनाफे का धंधा है।