असली खुशी तब मिलती है ,

जब रोज़- रात आईने से पूछू-

"क्या तू संतुष्ट है ? "

और बिना झिझक

बिना पलक झपक

जवाब मिले -

" हाँ , मैं संतुष्ट हूँ ।"