Poetry 1 min read 787.2K reads

तशरीह


ज़िंदगी के लिए एक तशरीह देती हूंखुद से आशना रखिए

इमदाद भी खुदा देता है और चाह ए मशिय्यतभी वहीं पूरी करता है

Read more Earn more Learn more