चिंगारी सा बोलो कुछकि ये रूह जलानी हैउठने दो धुआं ज़रामुझे आंखें भिगानी हैं
चिंगारी सा बोलो कुछकि ये रूह जलानी है
उठने दो धुआं ज़रामुझे आंखें भिगानी हैं