यास ने मचाई है त्रास

करे हम किससे अब आस

पहले कोरोना से जीना था मुहाल

अब बिजली न पानी जिंदगी बेहाल ।


थक गए है इस सब से अब

बारिस ने किया है जीना मुहाल

पहले से ही कोरोना से थे परेशान

अब बिजली न पानी है जिंदगी बेहाल ।


आज घर का चापाकल भी

देख मुझे है मुंह बिचकाये

लौट के बुद्धू घर को जो आये

बिजली के बिन न जिंदगी सुहाये

आज लालटेन ने भी देखकर है मुंह बिचकाये ।


यास ने देखो मचाई ऐसी त्रास

कि लौट के बुद्धू घर को है आये ।