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वो आवाज


एक अरसा हो गया था तुमसे बिछड़े हुए,एक दिन अचानक मुझे वो आवाज सुनायी दी,पलट कर देखा तो तुम नहीं थे कोई और था अंजानातुम्हारी आवाज आज भी मेरे कानो में गूंजती है,मैं भूल ही नहीं पाया ।

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