जब तबीयत हो खराब घरवाले ही करते है उपचार,
कभी वो पिलाते है काढ़ा तो कभी वो सूप पिलाते है,
वो तब तक कोशिश करते रहते है जब तक कि,
तबीयत में आ जाए ना सुधार ।


जब तबीयत हो खराब घरवाले ही करते है उपचार,
कभी वो पिलाते है काढ़ा तो कभी वो सूप पिलाते है,
वो तब तक कोशिश करते रहते है जब तक कि,
तबीयत में आ जाए ना सुधार ।