मुझे अक्सर तुम्हारी तब याद आती है
जब मैं चांद को देखता हूँ
उसमे तुम्हारी छवि दिखती है,
मुझे अक्सर तुमपे तब प्यार आता है
जब मैं तुम्हारे चेहरे की मासूमियत को देखता हूँ
उसमे तुम्हारा बचपना दिखता है,
मैं अक्सर तुम्हे तब सोचता हूँ
जब मैं किसी और प्रेमी जोड़ी को देखता हूँ
उसमे तुम्हारे साथ बिताये पल दिखते है,
मुझे अक्सर तुमपे तब गुस्सा आता है
जब मैं तुम्हे दूसरो की गलतियो को माफ करते देखता हूँ
उसमे तुम्हारी दरियादिली दिखती है ।


