मैंने अक्सर लोगो को गुस्से मे सामान तोड़ते देखा है,

क्या उन्हे उन सामानो के साथ कोई लगाव नही होता

जिन्हे वो इतनी मेहनत करके अर्जित करते है और

उसी मेहनत को एक दिन गुस्से की वजह से नष्ट कर देते है ।