ऐ वक्त तू थोड़ा सा और ठहर जा,
मेरे अपने जो पीछे छूट गए है
उन्हे भी तो मेरे पास आने दो
तबतलक कुछ लम्हा मुझे यहीं ठहर जाने दो ।


ऐ वक्त तू थोड़ा सा और ठहर जा,
मेरे अपने जो पीछे छूट गए है
उन्हे भी तो मेरे पास आने दो
तबतलक कुछ लम्हा मुझे यहीं ठहर जाने दो ।