कभी-कभी तू दिलबर सा लगता है,कभी-कभी तू रहबर सा लगता है,आखिर तू है क्या !ये तो तुझे ही खबर रहता है ।
कभी-कभी तू दिलबर सा लगता है,कभी-कभी तू रहबर सा लगता है,
आखिर तू है क्या !ये तो तुझे ही खबर रहता है ।