आजकल के घरो में परिवार वाले लोगो को स्पेश क्यों नहीं दे रहे है, वो क्यों नहीं समझते कि जमाना अब वैसा नहीं रहा जैसा वो पिछले दशक से देखते आ रहे है,

अब सब कुछ बदल गया है बच्चो को उनकी आजादी प्यारी है उन्हे आजादी मिलनी भी चाहिए,

कब तक खुद को उनपे थोपते रहियेगा उन्हे उड़ने दीजिए, पुरानी सोच विचार को छोड़िए और आज के युग से कदम से कदम मिलाकर चलिए,

अगर आप ही साथ नहीं देंगे अपने बच्चो का तो वो आपके करीब ना आकर आपसे दूर होते चले जाएंगे ।