खुद की चाहत से पहले बच्चो की चाहत को पूरा करते है,
एक पिता अपने बच्चो से कुछ ऐसे ही प्यार करते है,
अपने सारे गमों को छिपाकर वो मुस्कुराते है,
अपने बच्चो का वो हौसला बढ़ाते है,
गलती करने पर डाँट भी लगाते है,
रोने पर बच्चो को बाहर वो घुमाते है,
चॉकलेट भी दिलाते है,
एक पिता अपने बच्चो से कुछ ऐसे ही प्यार जताते है ।


