हम आज भी उन गंदी समाज में रहते है
जहाँ लड़कियो को उनके पहनावे से तौला जाता है,
उनका चाल चलन कैसा है ये उनके पहनावे को देखकर तय किया जाता है,
इस समाज में तो लड़कियो को फैसले लेने तक का अधिकार नहीं है,
उनपे तो हमेशा फैसले थोप दिये जाते है ।


हम आज भी उन गंदी समाज में रहते है
जहाँ लड़कियो को उनके पहनावे से तौला जाता है,
उनका चाल चलन कैसा है ये उनके पहनावे को देखकर तय किया जाता है,
इस समाज में तो लड़कियो को फैसले लेने तक का अधिकार नहीं है,
उनपे तो हमेशा फैसले थोप दिये जाते है ।