बच्चे मन के सच्चे हैं
सोच समझ के कच्चे हैं,
हरकते इनकी नटखट है
बाते करते झटपट है,
बोली इनकी तोतली है
फिर भी लगते है मधुर-मधुर,
कानो को बहुत ही भाते है
जब ये कुछ भी गाते हैं,
छोटी छोटी इनकी आंखे
प्यार भरी इनकी आंखे,
आंखो में कई सपने हैं
रंग बिरंगे सपने हैं,
बच्चे मन के सच्चे हैं
सोच समझ के कच्चे हैं ।
