दुनिया को पर्दे के पीछे से कोई सरोकार नहीं

आपके मेहनत से उसका कोई वास्ता नहीं

वो वह पर्दे पर चल रहे नाटक को देखते है

और उसी पे अपनी राय कायम कर लेते हैं

जी चाहता है तो आपकी सराहना करते है

जी नहीं चाहता तो बिना कुछ कहे चले जाते हैं ।