मैं वक्त हूँ मुझे लोगो को अपनी ऊँगलियो पर नचाना बेहद पसंद है, ये सृष्टि मेरे ही इशारे पर चलती है, मैं जब जो चाहूँ कर सकता हूँ, मैं कभी लोगो को इतनी खुशियाँ देता हूँ, कि वो मुझे शुक्रिया कहते नहीं थकते तो कभी इतने गम देता हूँ कि वो मुझे कोसने लगते है, मैं कहीं एक जगह नहीं टिकता बदलता बढ़ता रहता हूँ और मैं जब बदलता हूँ तो लोग इसे किस्मत का नाम दे देते है ।


