तुझसे इकतरफा प्यार का भी अलग ही लुत्फ था ,
तेरे कदमो की आहट भर से दिल मचल जाता था,
तुझे चोरी-चोरी देखने का भी अलग ही लुत्फ था ,
तेरे पलट के देखने भर से दिल घबरा जाता था ।


तुझसे इकतरफा प्यार का भी अलग ही लुत्फ था ,
तेरे कदमो की आहट भर से दिल मचल जाता था,
तुझे चोरी-चोरी देखने का भी अलग ही लुत्फ था ,
तेरे पलट के देखने भर से दिल घबरा जाता था ।