शाम और हवाहसींतरीन लम्हातयादें बेशुमारज़हन में सारी बातना करे तू मुलाकातना अब मुझे भी कोई मलाल ।
शाम और हवाहसींतरीन लम्हात
यादें बेशुमारज़हन में सारी बात
ना करे तू मुलाकातना अब मुझे भी कोई मलाल ।