अभी भी कुछ लोग ऐसे है जिन्हें कोरोना से

मौत का कोई भय नहीं है,

वो बेफिक्र होकर बिना काम के सड़को पर

बिना मास्क लगाए धूम रहे हैं,

अरे अपनी नहीं तो कम - से - कम उन

डॉक्टर्स और नर्स का तो सोचकर घर मे रहो

जो कितने दिनो से अपने परिवार से दूर है और

उनकी वजह शायद आप जैसा ही कोई इंसान है!

गलती कोई एक करता है और

भुगतना कितनों को पड़ता है

अब बस बहुत हुआ, कुछ तो शर्म करो

घर पे रहो, घर मे ही रहो

ये श्लोग्न बस याद रखो ।