चाहत किसकी नहीं होती अपनी
ख्वाहिशें पूरे करने की,
खुशियां पाने की,
अपने सपने को हकीकत में जीने की,
पर मजबूरियां हमें इनसे दूर कर देती है ।


चाहत किसकी नहीं होती अपनी
ख्वाहिशें पूरे करने की,
खुशियां पाने की,
अपने सपने को हकीकत में जीने की,
पर मजबूरियां हमें इनसे दूर कर देती है ।