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खिड़की


जब ऐसा लगे दिन क्यों ना ढलेतो अपनी खिड़की खोल लो ,

देखो बाहर के नजारेऔर अंतर्मन तक झूम लो

बाहर ना जाना तुम अभीकोरोना का खतरा है,

जो समझ रहे इसे भारती का खतराये खतरा खतरा शो नहीं ।

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