अगर कोई गुस्से में आपसे कुछ कहता है तो गौर से उसके द्वारा कही गई बातो को सुने,

गुस्से में वो आपकी बस खामियाँ ही निकालेगा और आप उसे सुनकर अपनी खामियाँ सुधार लेना फिर अपनी खामियों को अपनी खासियत में तब्दील कर देना ।