कमाल है ना

कुछ इस बात से परेशां है कि

कुछ हम बोलते नहीं 

और कुछ इस बात से कि 

कितना बोलते हो तुम,

कमाल है ना

अब यकीन मैं किस पे करूं 

मैं बोलूं या ना बोलूं 

ये तय अब कौन करे !