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कैदी


मेरे अंदर उठते इस आग से डर लगता हैकि कहीं मैं अपने चाहने वालो को कोई तकलीफ ना पहुंचाऊ,

मुझसे सच्चा प्यार करने वाले को कहीं कोई दर्द ना दे दूं,उन्हे खुद से बचाने को मै उनसे दूर हो रहा हूँ ।

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