उसने मेरी तारीफ कुछ ऐसे की
कि तुम्हारी शख्सियत ही कुछ ऐसी है कि मैं
भीड़ मेंभी तुमको पहचान जाऊँगा,
कोयले में हीरे को पहचान जाऊँगा ।


उसने मेरी तारीफ कुछ ऐसे की
कि तुम्हारी शख्सियत ही कुछ ऐसी है कि मैं
भीड़ मेंभी तुमको पहचान जाऊँगा,
कोयले में हीरे को पहचान जाऊँगा ।