वो 'मैं' कहते है हम 'हम' कहते है,

वो 'तुम' कहते है हम 'आप' कहते है,

वो बिना जूतो के कहीं नहीं निकलते

हम नंगे पैर कहीं भी दौड़ पड़ते है,

वो धूप से अपनी आँखे चुराते है

बचने को गॉगल्स लगाते है,

हम तो सूरज से भी अपनी आँखे मिलाते है ।