महबूबा नाराज हैमहबूब हैरान हैजंग की आगज हैदिल बड़ा नादान हैतबीयत नासाज हैमन भी परेशान हैमिलने को बेताब हैदिल हो रहा हलकान है ।
महबूबा नाराज हैमहबूब हैरान है
जंग की आगज हैदिल बड़ा नादान है
तबीयत नासाज हैमन भी परेशान है
मिलने को बेताब हैदिल हो रहा हलकान है ।