कुछ लोग पुराने भूल गयेकुछ दोस्त पुराने छूट गये,जिस मंजिल पर निकले हैं हमघर-बार हमारे छूट गये,हम टुकड़ो में बिखर गयेफिर सबसे दूर हो गये ।
कुछ लोग पुराने भूल गयेकुछ दोस्त पुराने छूट गये,
जिस मंजिल पर निकले हैं हमघर-बार हमारे छूट गये,
हम टुकड़ो में बिखर गयेफिर सबसे दूर हो गये ।