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गंवारा नहीं


आज बहुत दिनों बाद मुझे मेरा चाँद नजर आया है,वो कहती है कल भी तो देखा था,

अरे कोई बता दो जाकर उसे कि एक पल की भीदूरी अब गंवारा नहीं मुझको ।

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