मैं अक्सर जिनके लिए लिखता हूँ

शायद ही मेरी बात उन तक पहुँच पाती है

क्योंकि रास्ते मे ही गलत पते पर जो चले जाते है,

हां हम अक्सर रिश्तो को लेकर बहुत कुछ लिखते है

मगर ये जरूरी तो नही कि वो आपके बारे मे ही लिखा गया है