शाम हुई अब ढलेगा सूरज
पंछी भी घर को जायेंगे,
हंसते हंसते कट गए ये दिन
फिर से एक नया दिन आयेंगे,
उम्मीदो का दामन ना छोड़ो
जोड़ लगाते रहना तुम
जो रूठे है तुमसे आज
वो भी मान ही जायेंगे,
उम्मीदो का दामन ना छोड़ो
साथ में खुशियां मनायेंगे ।


शाम हुई अब ढलेगा सूरज
पंछी भी घर को जायेंगे,
हंसते हंसते कट गए ये दिन
फिर से एक नया दिन आयेंगे,
उम्मीदो का दामन ना छोड़ो
जोड़ लगाते रहना तुम
जो रूठे है तुमसे आज
वो भी मान ही जायेंगे,
उम्मीदो का दामन ना छोड़ो
साथ में खुशियां मनायेंगे ।