वक्त लगता है गिरकर संभलने में,
वक्त लगता है टूटकर खुद को समेटने में,
मगर वो क्या जानेंगे इसे
जिन्होंने दर्द ही दिए है लोगो को ।


वक्त लगता है गिरकर संभलने में,
वक्त लगता है टूटकर खुद को समेटने में,
मगर वो क्या जानेंगे इसे
जिन्होंने दर्द ही दिए है लोगो को ।