कभी चाहत होती है तेरे पांव चूम लूं
कभी चाहत होती है तेरे हाथ चूम लूं,
बनाने वाले ने इतने करीने से बनाया है तुझे
जी चाहता है तेरे गाल चूम लूं
तेरे बाल चूम लूं,
पर हम जरा शरीफ है तो
दिल कहता है बस माथे पे चूम लूं
पर गर तू दे दे इजाजत तो तेरे होंठों को चूम लूं
या बस तेरे साये को चूम लूं।
