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चापलूसी


पीठ पीछे वो छुरा घोपते है,सामने अक्सर वो मुझसे मिठी मिठी बाते करते है ,

बच के रहना जरा इनसे ये नेक नही लगते है,सामने मेरे वो अक्सर चापलूसी करते है ।

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