मौसम की मार ने मुझको किया है हताश ,
होके निढाल मैं पड़ गया हूँ बिस्तर पे,
साथ में मेरे है पड़ा सर्दी और जुकाम,
परेशां हूँ मैं इस बुखार की मार से ,
क्यों ये ठीक होता नहीं घरेलू उपचार से,
हो रहा है मेरा बदन तवे की तरह गरम,
इसको तो चाहिए दवाओ वाला केमिकल ।


