तुमसे मिलना फिर बिछड़नाशायद यही तकदीर में था,गर पता होता तो तुझसेदिल ही ना लगाते ।
तुमसे मिलना फिर बिछड़नाशायद यही तकदीर में था,
गर पता होता तो तुझसेदिल ही ना लगाते ।