आपकी याद में पागल बन बैठे हैं
जो ना करना था वो भी कर बैठे हैं,
चढ़ाना था बनाने को चूल्हे पर खाना
बस बर्तन चढ़ाकर इंतजार में बैठे हैं ।


आपकी याद में पागल बन बैठे हैं
जो ना करना था वो भी कर बैठे हैं,
चढ़ाना था बनाने को चूल्हे पर खाना
बस बर्तन चढ़ाकर इंतजार में बैठे हैं ।