मुझको तो अपनो ने ही रोका 

गैरों में कहां दम था, 

मेरे पंख उन्होंने काटे 

जिनपे मेरा पूरा हक था, 

मैंने उन्हे अनदेखा किया

 मुझे तो उनपे पहले से ही शक था ।