अक्सर अकेलापन मुझे बहुत सालता है,
मैं अकेला तो रहना चाहता हूँ पर रह नही पाता,
मेरी सोच मुझे कभी अकेला रहने ही नही देती,
अकेलेपन मे इतनी बाते याद आने लगती है
कि ये मुमकिन ही नही लगता कि
मैं कभी उन सोच से बाहर आऊँगा,
अकेले होने पर दिमाग मे इतनी सारी बाते
चलने लगती है जिसपे मेरा जोर नही चलता ।


