कितने अजीब है ना हम,
किसी को लोगो से घिरे रहने की चाहत होती है,
और एक हम है जो खामोश रहने के बहाने ढूंढते है,
अकेलापन रास आता है मुझे,
इसलिए लोगो की नजरो से खुद को छुपाती फिरती हूँ,
खामोशियो में ही तो खुद से मिल पाती हूँ,
वरना इस भीड़ में तो जैसे मैं खुद को खो देती हूँ ।


