तुम मुझे बेहद अजीज हो,जान मेरे तुम बेहद करीब हो,बचपन से ही तेरे मैं सपने संजोता,मिल जायेंगे एक दिन है उम्मीद मेरा,आना है मुझको एक दिन वहां पे,फिर मिल कर दोनो देखेंगे जमीं पर ।
तुम मुझे बेहद अजीज हो,जान मेरे तुम बेहद करीब हो,
बचपन से ही तेरे मैं सपने संजोता,मिल जायेंगे एक दिन है उम्मीद मेरा,
आना है मुझको एक दिन वहां पे,फिर मिल कर दोनो देखेंगे जमीं पर ।