Poetry 1 min read 779.6K reads

अजीज हो


तुम मुझे बेहद अजीज हो,जान मेरे तुम बेहद करीब हो,

बचपन से ही तेरे मैं सपने संजोता,मिल जायेंगे एक दिन है उम्मीद मेरा,

आना है मुझको एक दिन वहां पे,फिर मिल कर दोनो देखेंगे जमीं पर ।

Read more Earn more Learn more