आजकल के बच्चो का तो मोबाइल
ही जैसे जीवन हो गया है,
एक हम लोग थे जो खिलौने से खेलते थे,
और अभी के बच्चे सिर्फ मोबाइल से,
अरे हम भी तो लूडो कैरम खेलते थे
पर इन्हे तो ये सब भी मोबाइल पे ही खेलना है,
ये बच्चे तो जैसे भूल ही गये है कि
मोबाइल के बाहर भी कोई दुनिया है ।
