पहली नज़र का ये जो प्यार है हकीकत नहीं, वक्त लगता है जज़्बात समझने में,


वक्त लगता है मोहब्बत करने में यू ही नहीं आप किसी के अज़ीज़ा बन जाते हैं,


और वक्त लगता है किसी की हर बात समझने में यू ही नहीं हर किसी की बात बिन कही समझ ली जाती है,


और वक्त लगता है किसी का हाथ थाम कर चलने में यू ही नहीं हर कोई लंबी राहो का साथी बन जाता है,


वक्त लगता है किसी से सब कुछ बाठ देने में यू ही नहीं हर किसी के सामने अश्क बेह लिया करते हैं,


और वक्त लगता है किसी की ना पसंद को पसंद बनाने में यूं ही नहीं हर किसी की पसंद अपना लिया करते हैं,


और वक्त लगता है सजदे करने में यू ही नहीं कोई इश्क का खुदा बन जाता है,



अजी जनाब वक्त लगता है मोहब्बत करने में।।।

- साची मौर्या ( शिकस्ता)